लिपस्टिक किंवा परमाणु उपकरणे! चीन-अमेरिका युद्ध थोडक्यात AI वर झाले

आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स किंवा एआय हे सध्याच्या युगातील विज्ञानातील सर्वोत्कृष्ट शोध म्हणून उदयास आले आहे. मात्र, त्याच्या अनियंत्रित वापरामुळे, त्रुटींमुळे त्याला विज्ञानाचा 'मूक शाप' असेही म्हटले जाते. अशाच एका भयानक आणि वास्तव उदाहरणाने अलीकडेच जागतिक राजकारणात खळबळ उडवून दिली आहे. कृत्रिम बुद्धिमत्तेच्या अपयशामुळे चीन-अमेरिका जवळजवळ युद्धात सापडले. अमेरिकेतील मीडिया ‘सीएनएन’ने शुक्रवारी ही माहिती दिली.

ही घटना या वर्षाच्या सुरुवातीला इराण युद्धादरम्यान घडली होती. पेंटागॉनच्या स्पेशल ऑपरेशन्स कमांडमधील विश्लेषक मध्यपूर्वेमध्ये जाणाऱ्या चिनी मालवाहू जहाजावरील बुद्धिमत्तेचे विश्लेषण करण्यासाठी एआय चॅटबॉट वापरत होते. 'सीएनएन'ने दिलेल्या वृत्तानुसार, चॅटबॉटने चुकीचा अहवाल दिला आहे. चीनच्या जहाजाकडे अणुकार्यक्रमासाठी आवश्यक भाग असल्याचा दावा केला जात आहे. त्यानंतर, अमेरिकन सैन्याने जहाजावर हल्ला करून ते ताब्यात घेण्यास सुरुवात केली. इतकंच नाही तर सुत्रांच्या माहितीनुसार अमेरिकेची दोन युद्धविमानंही आकाशात उडली. पण शेवटच्या क्षणी गैरसमज झाल्याने वॉशिंग्टनने ऑपरेशन रद्द केले. दोन अणुशक्तींनी युद्ध टाळले. तज्ञ म्हणतात की एआय काय असू शकते याचे हे एक प्रमुख उदाहरण आहे. जहाजावर काय होते? असे दिसून आले की, चिनी जहाज प्रत्यक्षात लिपस्टिक उत्पादन उपकरणांनी भरलेले होते. म्हणजेच AI ने लिपस्टिकला अण्वस्त्रासाठी चुकीचे समजले.

दरम्यान, चीनचे राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग 24 सप्टेंबर रोजी वॉशिंग्टनला भेट देणार आहेत. दोन्ही राज्यकर्ते कृत्रिम बुद्धिमत्तेच्या वाढत्या वापराशी संबंधित जोखमींसह अनेक महत्त्वाच्या मुद्द्यांवर चर्चा करतील अशी अपेक्षा आहे. या वातावरणात असा खळबळजनक अहवाल समोर आला आहे.

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